horror story for kids in hindi

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भूतिया गाँव की रात (The Haunted Village Night) horror story for kids in hindi

एक गाँव था, जिसका नाम रामपुर था। यह गाँव एक हड्डी में बसा हुआ था और इसमें सिर्फ 20-25 घर थे। रात के समय गाँव भयंकर और भूतिया बन जाता था। गाँववालों के बच्चे यह सुनकर बहुत डरते थे, लेकिन उन्हें किसी का यकीन नहीं होता।

एक बार, गाँव के छोटे से लड़के रमन और उसके दोस्त, विक्रम और सोनिया, रात के समय गाँव की तरफ बढ़ रहे थे। वे चाहते थे कि वे गाँव के भूतिया हवेली में जाएं और देखें कि क्या सचमुच में वहाँ भूत होते हैं।

हवेली की चर्चा गाँववालों के बीच काफी हुई थी, लेकिन किसी ने कभी वहाँ दिन में जाने का प्रयास नहीं किया था। रात के समय वहाँ जाने का विचार सुनकर उन्होंने यह तय कर लिया कि वे आज रात ही हवेली में चलेंगे।

रमन, विक्रम, और सोनिया ने अपनी बैटरियों से रौशनी देने वाले टॉर्च लेकर रात के साथ गाँव की ओर बढ़ना शुरू किया। हवेली की ओर बढ़ते ही उनके दिल धड़कने लगे। गाँव के पास हवेली पहुँचकर, वे ने देखा कि हवेली के दरवाजे पर बड़ा ही भूतिया और रुखा हुआ लिखा है - "सब गाँववालों के लिए खतरा है।"

रमन, विक्रम, और सोनिया को डर नहीं आया और वे दरवाजे को धीरे से खोलकर अंदर चले गए। अंदर का माहौल सुनसान और डरावना था। हवेली के अंदर वे अच्छी तरह से तैर गए और वहीं खड़े हो गए।

कुछ समय बाद, वे ने एक आवाज़ सुनी - "थप, थप, थप!" धीरे-धीरे वे आवाज की ओर बढ़ने लगे। आवाज की ओर बढ़ते ही वे ने देखा कि वहाँ एक छोटी सी भूतिया बच्ची खड़ी थी, जो थपती हुई थी। वह बच्ची अच्छी तरह से डर के मारे हुए थी।

रमन ने बच्ची से कहा, "हम तुम्हें कुछ नहीं करेंगे। हम तुम्हारे साथ हैं।"

बच्ची डर के मारे हुए होने के बावजूद रुकी नहीं और बोली, "मेरा नाम प्रियंका है। आप यहाँ क्या कर रहे हैं?"

रमन ने अपनी कहानी सुनाई, कि वे गाँव के बच्चे हैं और वे देखना चाहते हैं कि क्या सचमुच में हवेली में भूत हैं। प्रियंका ने उनके साथ हवेली के अंदर जाने की जोड़ी।

वे तीनों अंदर के कमरे में पहुँचे, जहाँ पर एक पुरानी किताबें और एक बड़ा पुराना बॉक्स था। प्रियंका ने किताबें और बॉक्स खोला और उसमें एक पुरानी खास जगह देखी।

वह जगह एक पुराने घर के तस्वीर के साथ थी, जिसमें एक परिवार खुशी-खुशी रह रहा था। इसके बाद, पुरानी किताबों से वे देखे कि हवेली का यही हिस्सा पहले किसी के घर का हिस्सा था, जब वहाँ खुशी-खुशी जीवन बिताया जाता था।

प्रियंका ने बताया कि इस हवेली में उसका पुराना घर था और यह उसके परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। वह बताई कि यह भूतिया हवेली उसके परिवार के लिए अब भी एक स्मृति का स्थल है और वह इसे बचाने के लिए आई है।

रमन, विक्रम, और सोनिया ने प्रियंका की मदद करने का फैसला किया और वे उसके साथ मिलकर हवेली को पुनः सजाने का काम करने लगे। प्रियंका ने दिखाया कि कैसे उनके परिवार ने यहाँ के हर कमरे को खास बनाया था, और उन्होंने वही दिखाया कि कैसे यहाँ का रात को भी बिलकुल सुरक्षित रहने का तरीका था।

कुछ दिनों बाद, गाँववालों ने हवेली में नए जीवन की शुरुआत की और गाँव फिर से खुशी-खुशी जीने लगा। प्रियंका और उसके नए दोस्त रमन, विक्रम, और सोनिया गाँव के अच्छे दोस्त बन गए और वे सब एक साथ हवेली में खेलते और मनोरंजन करते थे।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि कभी-कभी हमारी डर केवल हमारी जानकारी की कमी के कारण होता है। हमें बाहर की दुनिया को समझने के लिए खुद को खोलने की आवश्यकता होती है और हमें दोस्तों के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान करने की कोशिश करनी चाहिए। इसके अलावा, हमें यह भी सिखना चाहिए कि भूतों के बारे में बिना सबूत के डरने का कोई कारण नहीं होता। 

चमकते हुए सितारे (The Shining Stars) horror story for kids in hindi

कहानी की एक छोटी सी गाँव थी, जिसका नाम सुन्दरपुर था। यह गाँव गाँव के नाम के बराबर खूबसूरत था। यहाँ के लोग खुशी-खुशी जीते थे और गाँव में एक खास आनंदमेला भी होता था।

गाँव में एक छोटा सा लड़का नामक अर्जुन रहता था। अर्जुन का सपना था कि वह एक दिन आकाश में उड़कर तारों के साथ खेल सके। वह रोज़ रात को आकाश की ओर देख कर सपने देखता था।

एक दिन, गाँव में एक विज्ञान मेला आयोजित हुआ। इस मेले में विभिन्न प्रकार के विज्ञानिक खिलौने और उपकरण प्रदर्शित हो रहे थे। अर्जुन ने मेले का दौरा किया और वहाँ एक विज्ञानिक खिलौने की ओर अपने पिता को इशारा किया।

वह खिलौना था एक छोटी सी दूधाली चादर, जिसमें चमकते हुए सितारे बिखरे हुए थे। विज्ञानिक ने बताया कि यह चादर आकाश के तारों की छवि बना सकती है और आकाश के सितारों के बारे में जानने का मजा देती है।

अर्जुन को यह खिलौना बहुत पसंद आया, लेकिन उसके पास इसे खरीदने की पैसे नहीं थे। वह गाँववालों से पैसे मांगने की सोच रहा था, लेकिन उसके दोस्त उसे इसका एक अच्छा तरीका दिखाने लगे।

अर्जुन के दोस्तों ने मिलकर एक छोटी सी किराने की दुकान खोल ली, जिसका नाम चमकते हुए सितारे किराने का बदल दिया। वे दोनों अपने खास खिलौने चादर को ख़रीदने के लिए अपने दोस्तों और गाँववालों से पैसे मांगने लगे।

अर्जुन की मेहनत और उसके दोस्तों की सहायता से वह खुद अपनी चादर को खरीदने के लिए पैसे इकट्ठा करने में कामयाब हुआ। वह अब अपनी चादर के साथ रात को आकाश की ओर उड़कर सितारों के साथ खेलने का सपना पूरा कर सकता था।

एक रात, अर्जुन अपनी चादर के साथ छत पर चढ़कर आकाश की ओर देखने लगा। उसने अपनी चादर को फैलाया और चमकते हुए सितारों के साथ खेलने लगा।

अर्जुन की आँखें चमक उठीं और वह खुशी-खुशी खेलता रहा। उसका सपना सच हो गया, वह आकाश के सितारों के साथ खेल रहा था। उसके दोस्त भी उसके साथ छत पर आकर जुड़े और साथ में आकाश की खोज करने लगे।

अर्जुन ने गाँववालों को बताया कि वे चमकते हुए सितारों के साथ कैसे खेल सकते हैं, और उन्होंने गाँव में एक खास आकाश दर्शन मेला आयोजित किया।

मेले में आने वाले लोग अर्जुन और उसके दोस्तों के साथ आकाश के सितारों की खोज करने का मजा लेते और वे सभी खुश रहते। अर्जुन ने अपने सपने को पूरा किया और उसने दिखाया कि सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और संघर्ष से कोई भी मुश्किल को पार किया जा सकता है।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि सपने हमें जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग दिखा सकते हैं, और हमें मेहनत और संघर्ष के साथ अपने सपनों को पूरा करने की कठिनाइयों का सामना करना होता है।

भूतिया हवेली की रात horror story for kids in hindi

एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में एक हवेली खड़ी थी। वह हवेली बहुत ही भूतिया और डरावनी माहौल से भरी हुई थी। गांव के बच्चे हमेशा सुना करते थे कि हवेली में रात को अजीब-अजीब आवाजें आती हैं और वहाँ भूतों का बसेरा है।

एक दिन, गांव के तीन दोस्त - अर्जुन, रोहित और अलीशा - ने फैसला किया कि वे हवेली में रात बिताएंगे और दर का सामना करेंगे। उनके दोस्त डर के मामले में बहुत बहादुर थे, और वे इसे एक मौका मानते थे अपने डर को पार करने का।

रात का समय आया, और तीनों दोस्त हवेली की ओर बढ़ गए। हवेली के द्वार पर ही, उन्होंने सुना कि वहाँ से अजीब आवाजें आ रही हैं - चीखें, चिल्लाहट, और कुछ अजीब ढंग से गरजने की आवाजें।

रोहित ने विचार किया, "क्या हम वापस नहीं जाने चाहिए? यह बहुत डरावना लग रहा है।"

लेकिन अर्जुन ने जवाब दिया, "नहीं, हम डर के मारे नहीं हो सकते। हमें यह देखना है कि क्या सच में यहाँ कुछ ख़ास है।"

तीनों दोस्त धीरे-धीरे हवेली के अंदर बढ़े, और उनके दिल तेजी से धड़क रहे थे। हवेली के अंदर के माहौल डरावना था - छायाएँ, पुराने तस्वीरें, और अजीब-अजीब चीजें बिखरी हुई थीं।

अलीशा ने पूछा, "क्या हमें यहाँ से दर नहीं लग रहा?"

अर्जुन ने कहा, "हमें डरने का कोई कारण नहीं है, यहाँ तो सिर्फ अजीब-अजीब चीजें हैं।"

तीनों दोस्त हवेली के अंदर और आगे बढ़े, और तभी उन्होंने सुना कि कुछ दरावनी आवाजें सुनाई देने लगीं। वे सभी जिज्ञासु हो गए और उन्होंने आवाज का पीछा किया।

वे एक पुराने कमरे में पहुंचे, जहाँ एक बड़ी पुरानी आईना खड़ा था। अर्जुन ने आईने की ओर बढ़ते हुए देखा और देखा कि वहाँ कुछ नहीं था, सिर्फ उनका ही प्रतिबिम्ब था।

रोहित ने हंसते हुए कहा, "यहाँ तो सिर्फ हम हैं, कोई भी भूत नहीं है।"

अलीशा ने भी हँसते हुए कहा, "हम तो यहाँ सिर्फ दर से डर रहे थे। यह सब सिर्फ हमारे दिलों की डरावनी धड़कनें थीं।"

तीनों दोस्तों ने हवेली में बिताई रात के बारे में हंसते हुए बातें की और वे गांव लौटे, अपने डर को पार करके। उन्होंने सिखा कि डर सिर्फ मन की भ्रम हो सकता है और अजीब-अजीब चीजों के पीछे अक्सर कोई वास्तविकता नहीं होती।

इस गांव के बच्चों के बीच, हवेली की रात की कहानी बची रही और वे सब सिखते रहे कि हकीकत में डरने का कोई कारण नहीं होता, जब आप उसका सामना करते हैं।

 

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